Press "Enter" to skip to content

Mahakal Shayari

Mahakal Shayari! Hi friends, I have collected some new Mahakal Shayari. Mahakal Shayari has been published. So check the latest Mahakal Shayari and share it with your lovely friends. Read it and enjoy it.so you can hare it with your all lovely friends. Its give smile and happiness to everyone face. Laughter is the way to make smile on everyone’ s face. Laughter is the best medicine for our health. Be happy and keep laughing…
Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

शेरो वाली दहाड़ फ़िर सुनाने आए हैं,
आग उगलने को फ़िर परवाने आये हैं।
रास्ता भी छोड़ दिया स्वयं काल ने,
जब देखा उसने “महाकाल” के दीवाने आए हैं।

महाकाल के भक्तों से पंगा,
और भरी महेफिल में दंगा मत करना
वरना करूँगा चौराहे पे नंगा
और भेजूँगा तेरी अस्थियों को गंगा।

वो अजन्मे हैं, उनका ना आदि हैं ना अंत हैं,
अविनाशी हैं, कालोपरि हैं,
पंच महाभूतो के नाथ “भूतनाथ” हैं
वो कालो के काल महाकाल हैं वो।

लोग कहते हैं किसके दम पे उछलता हैं तू इतना,
मैंने भी कह दिया जिनकी चिलम के,
हुक्के की दम पर चल रही ये दुनिया हैं,
उन्हीं महाकाल के दम पे उछलता ये बंदा हैं।

Mahakal Shayari

तेरी जटाओं का एक छोटा सा बाल हूँ,
तेरे होने से मैं बेमिसाल हूँ।
तेरे होते मुझे कोई छू भी ना पाये,
क्योंकि मेरे भोलेनाथ, मैं तेरा लाल हूँ।

भुलेंगें वो भुलाना जिनका काम हैं,
मेरी तो महाकाल के बिना गुजरती नही शाम हैं।
कैसे भूलूँ मैं महाकाल को,
जो मेरी जिदगी का दुसरा नाम हैं।

वो गुरु हैं मेरा, वो मित्र हैं मेरा,
वो साथ हैं मेरा, वो विश्वास हैं मेरा,
वो मार्गदर्शक हैं मेरा, वो शासक हैं मेरा,
वो मेरा, मैं उसका, वो महाकाल हैं मेरा।

सर्पों के बीच रहने वाला क़लापी,
दिगम्बर, मशान ही मेरा मूल स्थान हैं
रूद्र, अघोरा मेरे रूप हैं,
मैं प्रलय रूद्र हूँ, मैं महाकाल हूँ।

ऐ जन्नत अपनी औकात में रहना,
हम तेरी जन्नत के मोहताज नही।
हम गुरू भोलेनाथ के चरणों के वासी हैं
वहाँ तेरी भी कोई औकात नही।

Mahakal Shayari

महादेव के दरबार में, दुनिया बदल जाती हैं,
रहमत से हाथ की लकीर बदल जाती हैं।
लेता हैं जो भी दिल से, महादेव का नाम
एक पल में उसकी, तकदीर बदल जाती हैं।

वो समंदर ही क्या जिसका कोई किनारा ना हो,
वो इबादत ही क्या जिसमे महाकाल नाम तेरा हैं हो।
सरगम की सब धुन कानो को लगती हैं मधुर,
वो धुन ही क्या जिसमे महाकाल नाम पुकारा ना हो।
कहते हैं मारता नहीं सबको बचाता हैं महाकाल तू जहां में,
वो इंसान ही क्या जो महाकाल तेरे नाम का दिवाना ना हो।

काट देंगे वो हाथ जो मिटाये नाम महाकाल का,
चुम लोंगे वो हाथ जो लिखे नाम महाकाल का।
कितने प्यारे हैं वो लोग, जो लेते हैं रोज नाम महाकाल का
अगर दम हैं तो ये Message को इतना भेजो की,
दुनिया के हर कोने में गुँजे नाम महाकाल का।

मौत को मैं मुठ्ठी में रखता हुँ,
मेरे हर सास को सावधान रखता हुँ।
अरे ! कोई मेरे अरमानों की होली क्या करेगा
महाकाल का भक्त हुँ,
दिल में सुलगता समशान रखता हुँ।

भूल कर एक भक्त के दर काल आ गया,
उस भक्त की जुबां पर महाकाल आ गया
सुनकर महाकाल का नाम काल बेहाल हो गया।

भटक भटक के ये जग हारा,
संकट में दिया ना कोई साथ।
सुलझ गई हर एक समस्या,
महाकाल ने जब पकड़ा हाथ।

नीम का पेड़ कोई चन्दन से कम नही,
उज्जैननगरी कोई London से कम नही,
जहाँ बरस रहा है मेरे महाकाल का प्यार,
वो दरबार भी कोई जन्नत से कम नही।

जख्म भी भर जायेगे, चेहरे भी बदल जायेगे,
तू करना याद महाकाल को,
तुझे दिल और दिमाग में,
सिर्फ और सिर्फ महाकाल नजर आयेगे।

करनी हैं महाकाल से गुजारिश,
आपकी भक्ति के बिना कोई बन्दगी ना मिले।
हर जन्म मे मिले आप जैसा गुरू
या फिर ये जिन्दगी ना मिले।

अपने जिस्म को इतना ना सँवारो,
यह तो मिट्टी में ही मिल जाना हैं।
सँवारना हैं तो अपनी रूह को सँवारो,
क्योंकि उस रूह को ही महाकाल के पास जाना हैं।

महाकाल तेरी कृपा रही तो
एक दिन अपना भी मुकाम होगा।
70-80 लाख की AUDI CAR होगी और
FRONT शीशे पे महाकाल तेरा नाम होगा।

कहता हैं की मौत सामने आएगा तो मैं डर जाऊंगा।
कैलाश तक चलने वाला महादेव का दीवाना हूँ,
मौत को भी हर हर महादेव कर के निकल जाऊंगा।

जिसके सिर पर हाथ महादेव तुम्हारा हैं
रोशन उसका सारा जहा हैं।
किस्मत महादेव तेरे हाथ में हैं मेरी
लिख दे पूरी उम्र सेवा तेरी।

तेरी चौखट पे सर रख दिया हैं,
भार मेरा उठाना पड़ेगा।
मैं भला हूँ बुरा हूँ मेरे महाकाल
मुझको अपना बनाना पड़ेगा।

काबिल ए तारीफ हैं वो ज़िन्दगी,
जो महाकाल के चरणों में जगह बनाती हैं।
छोड़कर दुनिया की तमाम फ़िज़ूल बाते
महाकाल के नाम में रम जाती हैं।

इनके बिना ना कोई ग्यान
सुबह शाम सिर्फ महाकाल का ध्यान।
अधुरी हर शिक्षा अधुरा ब्रम्हाण्ड
त्रिलोक के स्वामी महाकाल।

मैं नही कहता मैं साधु हूँ, ना ही संत हूँ,
मैं तो महादेव का एक तुच्छ सा भक्त हूँ।
मैं तो महादेव से ही शुरू हूँ
और महादेव पर ही अंत हूँ।

फिदा हो जाऊँ तेरी किस-किस अदा पर महाकाल
अदायें लाख तेरी, बेताब दिल एक हैं मेरा।
ना जीने की खुशी ना मौत का गम,
जब तक हैं दम, महाकाल के भक्त रहेंगे हम।

नाम इतना जपो कि, महाकाल धड़कन में उतर जाये,
साँस भी लो तो खुशबू महाकाल दरबार की आये।
महाकाल का नशा दिल पर ऐसा छाए,
बात कोई भी हो पर नाम जय श्री महाकाल ही जिव्हा पर आये।

तेरे दर पर आते आते मेरे महादेव,
जिंदगी की शाम हो गयी।
और जिस दिन तेरा दर दिखा
जिंदगी ही तेरे नाम हो गयी।

महाकाल की सेवा जिसको मिले,
सबसे बड़ा धनवान हैं वो।
महाकाल की लगन जिसको लगी
किस्मत वाला इंसान हैं वो।

महादेव नाम आधार हैं,
जिसका वो तो किस्मत वाला हैं,
जीवन भर वो निर्भय रहता हैं,
जिसका महादेव रखवाला हैं।

महाकाल तुम से छुप जाए मेरी तकलीफ
ऐसी कोई बात नही,
तेरी भक्ती से ही पहचान हैं,
मेरी वरना मेरी कोई औकात नही।

फुरसत नहीं हैं इंसान को,
घर से महाकाल के मंदिर तक जाने की
और ख्वाहिश रखते हैं,
शमशान से सीधा स्वर्ग जाने की।।

इश्क में पागल छोरे छोरियाँ,
वेलेन्टाईन डे के गुलाब बिन रहे हैं
हम तो बाबा महाकाल के दिवाने हैं,
शिवरात्री के दिन गिन रहै हैं।

नजर पड़ी महाकाल की मुझ पे
तब जाके ये संसार मिला।
बड़े ही भाग्यशाली शिवप्रेमी हैं हम,
जो महाकाल का प्यार मिला।

तैरना हैं तो समंदर में तैरो,
नदी नालों में क्या रखा हैं।
प्यार करना हैं तो महाकाल से करो
इन बेवफाओ में क्या रखा हैं।

चरसी मैं छोरा, मेरे हाथ में चिल्लम,
ऊपर तै यो छोरी तेरा रूप जुल्म,
छोड़ दे तू VODKA और छोड़ दे तू RUM
बंद कर मुठी और खिच लै ये चिल्लम
बस जोर के भर दम बोल बम बम बम बम।

हरे भरे पेड़ पर सूखी डाली नही होती
जो कोई महाकाल के
चरणों में जा के नमन करे
उसकी झोली कभी खाली नही होती।

भस्म को ललाट पे लगाया करते हैं,
गले में मूँड माला, साँपों का डेरा सजाया करते हैं,
हम भक्त हैं उनके जो ताण्डव मचाया करते हैं।

महाकाल के भक्तो की खैरियत मत पुछो प्यारो,
ये तो अपनी ही मौज में रहते हैं,
पल पल प्रेम आँसु पिया करते हैं
हर लम्हा महाकाल के चरणो में जिया करते हैं।

आसमान में महाकाल हैं, जलने के बाद सब कंकाल हैं,
उज्जैन की भस्म आरती में त्रिकाल हैं,
तभी तो मेरे हर काल को निपटाने वाले मेरे महाकाल हैं।

गरज उठे गगन सारा, समंदर छोड़े अपना किनारा,
हिल जाये जहान सारा, जब गूंजे महाकाल का नारा।

गांजे मे गंगा बसी, चीलम में चार धाम,
कंकर मे शंकर बसे, और जग में महाकाल।।

वह अकेले ही पुरी दुनिया में मुर्दे कि भस्म से नहाते हैं,
ऐसे ही नहीं वो कालो के काल महाकाल कहलाते हैं।

झुकता नही शिव भक्त किसी के आगे,
वो काल भी क्या करेगा महाकाल के आगे।

ना मैं उच नीच में रहूँ ना ही जात पात में रहूँ,
महाकाल आप मेरे दिल में रहे, और मैं औक़ात में रहूँ।

सारा ब्राम्हॉंन्ड झुकता हैं जिसके शरण में,
मेरा प्रणाम हैं उन महाकाल के चरण में।

किसी ने मुझसे कहा इतने ख़ूबसूरत नहीं हो तुम,
मैंने कहा महाकाल के भक्त खूंखार ही अच्छे लगते हैं।

Be First to Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *