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Gam Bhari Shayari

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Share kro jisse aap baat krte ho or jisse nhi krte…

दर्द हल्का है साँस भारी है
जिए जाने किस रस्म जारी है

दर्द बनकर समा गया कोई
दिल में काँटे चुभा गया कोई

आए बिछडने का कोई और तरीका ढूंढें
प्यार बढता है मेरी जां खफा रहने से

मेरे साथ चलना है तो दर्द सहने के आदि बन जाओ
मेरा मसला है काँटों से खेलना और तुम फूल जैसी हो

आज क्यों तकलीफ होती है तुम्हें बेरुखी की
तुम्ही ने तो सिखाया है कैसे दिल जलाते हैं

फिर ऐसा हुआ कि सब्र की उंगली पकड़कर हम
इतना चले की रास्ते हैरान रह गए

मैं चाहता हूँ एक आशियाना हो
जो वाबस्ता सिर्फ तुम से हो

कैसे एक लफ्ज में बयां कर दूँ
दिल को किस बात ने उदास किया

खन खना खन है ख्यालों में
जरुर आज उसने कंगन पहने होंगे

Dard Shayari in english font
Tumhere baad roya to nhin main
Jara aawaz bhari ho gayi hai

कोई ज़िन्दगी की आज़माइशों से गुजरा
कोई इश्क़ का रोग लगा बैठा
कोई कलम से दर्द लिखने लगा
कोई शायर खुद को बना बैठा

Gam Bhari Shayari

Tumko dekhun to mujhe pyar bahot ata hai
Zindagi itni haseen pahle to nahi lagti thi

कब दर्द बदलते हैं कब हाल बदलता है
हर साल बदलने से बस साल बदलता है

उदासी ………
कुछ तो बोलो न ….
भला क्यों आज तुम ….
दिल में….
ना दश्तक…
बिना आहट…
काशक बन कर समायी हो…..??

रात फिर आएगी फिर जेहन के दरवाज़े पर
कोई मेंहदी में रंगे हाथ से दस्तक देगा

दिल को ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं,
फिर भी खुश हूँ मुझे उस से कोई शिकवा नहीं,
और कितने अश्क बहाऊँ अब उस के लिए,
जिसको खुदा ने मेरी किस्मत में लिखा ही नहीं।

कौन कहता है नफ़रतों में दर्द है मोहसिन,
कुछ मोहब्बतें भी बड़ी दर्द नाक होती है।

उसकी हँसी में छुपे दर्द को महसूस तो कर,
वो तो यूँही हँस हँस के खुद को सजा देता है।

शीशा तो टूट कर, अपनी कशिश बता देता है,
दर्द तो उस पत्थर का हैं, जो टुटने के काबिल भी नही।

तेरे दिल के करीब आना चाहता हूँ मैं,
तुझको नहीं और अब खोना चाहता हूँ मैं,
अकेले इस तनहाई का दर्द बर्दाश्त नहीं होता,
तू एक बार आजा तुझसे लिपट कर रोना चाहता हूँ मैं।

वो रात दर्द और सितम की रात होगी,
जिस रात रुखसत उनकी बारात होगी,
उठ जाता हूँ मैं ये सोचकर नींद से अक्सर,
कि एक गैर की बाहों में मेरी सारी कायनात होगी।

Gam Bhari Shayari

दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया,
मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया,
दिल के सौदागरों से दिल्लगी कर बैठे,शायद
इसलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।

और भी कर देता है मेरे दर्द में इज़ाफ़ा,
तेरे रहते हुए गैरों का दिलासा देना।

दिल का दर्द हमारा भी अब
सारी हदें आर पार कर रहा है,
दिलबर भी कितना संगदिल है
एक जुर्म को बार बार कर रहा है।

Sab Se Chhupa Kar Dard Jo Woh Muskura Diya,
Us Ki Hansi Ne To Aaj Mujhe Rula Diya.

Lehje Se Uth Raha Tha Har Ik Dard Ka Dhuaan,
Chehra Bata Raha Tha Ke Kuch Ganwa Diya.

तेरी आरज़ू मेरा ख्वाब है ऐ सनम
जिसका रास्ता बहुत खराब है,
मेरे ज़ख्म का अंदाज़ा तू न लगा,
दिल का हर पन्ना दर्द की किताब है।

उस के दिल पर भी, क्या खूब गुज़री होगी
जिसने इस दर्द का नाम, मोहब्बत रखा होगा।

मोहब्बत में लाखों ज़ख्म खाये हमने,
अफसोश उन्हें हम पर ऐतबार नहीं,
मत पूछों क्या गुजरती है दिल पर,
जब वो कहते है हमें तुमसे प्यार नहीं है।

आरज़ू नहीं के गम का तूफान टल जाये,
फ़िक्र तो ये है तेरा दिल न बदल जाये,
भुलाना हो अगर मुझको तो एक अहसान करना,
दर्द इतना देना के मेरी जान निकल जाये ।

बड़ रहा है दर्द-ओ-गम उसको भूला देने के बाद,
याद उसकी और आयी खत जला देने के बाद।

मुस्कराने से भी होता है
दर्द-ए-दिल बयां,
किसी को रोने की आदत हो
जरुरी तो नहीं ।

इन ग़म की गलियों में
कब तक ये दर्द हमें तड़पाएगा,
इन रस्तों पे चलते-चलते
हमदर्द कोई मिल जाएगा।

हर मुलाक़ात पर वक़्त का तकाज़ा हुआ,
हर याद पर दिल का दर्द ताज़ा हुआ।

तुम न कर सकोगे मेरे दर्द-ए-दिल का इलाज़,
ज़ख्म को नासूर हुए मुद्दतें गुजर गयीं।

मुझे दर्द-ए-इश्क़ का मज़ा मालूम है,
दर्द-ए-दिल की इन्तहा मालूम है,
ज़िंदगी भर मुस्कुराने की दुआ मत देना,
मुझे पल भर मुस्कुराने की सज़ा मालूम है।

महफ़िल में हँसना मेरा मिज़ाज़ बन गया,
तन्हाई में रोना एक राज़ बन गया,
दिल के दर्द को चेहरे से ज़ाहिर न होने दिया,
यही मेरे जीने का अंदाज़ बन गया।

दर्द का मेरे यकीन आप करें या न करें,
इंतिजा है के इस राज़ का चर्चा न करे।

इस बहते दर्द को मत रोको,
यह तो सज़ा है किसी के इंतज़ार की,
लोग इन्हे आँसू कहे या दीवानगी,
पर यह तो निशानी है किसी के प्यार की।

कहानी खत्म हो तो कुछ ऐसे खत्म हो,
के लोग रोने लगे तालियाँ बजाते बजाते।

कभी कभी मोहब्बत में वादे टूट जाते हैं,
इश्क़ के कच्चे धागे टूट जाते हैं,
झूठ बोलता होगा कभी चाँद भी,
इसलिए तो रुठ कर तारे टूट जाते हैं।

moon and staar

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